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उत्पीड़ितों का शिक्षाशास्त्र (भाग 1)

ब्राजील के पौलो फ्रेरे का ‘उत्पीड़ितों का शिक्षाशास्त्र’ दुनिया की मशहूर किताबों में एक है। यह आलेख-माला इसी पुस्तक पर …
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Two pine trees bent by the wind on a grassy coastal dune, under a cloudy sky.

इन दिनों : सीने में जलन, आँखों में तूफ़ान-सा क्यूँ है?

“सत्ता चलाने वाला भ्रष्ट होगा तो उसके अधिकारी कर्मचारी ईमानदार रह ही नहीं सकते। जनता में अगर सांस्कृतिक चेतना सजग …

इन दिनों : खुदा मेहरबान तो अनाड़ी पहलवान

“प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों को निर्देश दिया कि देश में गर्मी काफ़ी है, इससे बचने के लिए खूब पानी पियें। …

जेन-जी आंदोलन : पैटर्न, परिणाम और सीख 

आलेख में दुनिया के अनेक हिस्सों में हुए जेन-जी के आंदोलनों का अध्ययन करके उनके आंदोलन के पैटर्न को समझने …
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इन दिनों : अब जनता कोर्ट में ही अपील करें

“सवाल है कि रास्ता क्या है? देश जिस मुहाने पर खड़ा है, उससे निकलने का कोई तरीक़ा बचा है या …
A brown cow grazing on a green pasture in Germany, surrounded by trees.

इन दिनों : चौदह वर्ष के बाद गौ माता की क़ुर्बानी और राजनीतिक मिथ्याचार

“चौदह वर्ष तक की गाय माता रहेगी और उसके बाद उसे माता के पद से उतार कर उसकी गर्दन रेत …

इन दिनों : ‘गैंग ऑफ वासेपुर’ ने डाला आरबीआई में डाका

अहमदाबाद में आरबीआई के पैसों की चोरी से जाहिर होता है कि राजकीय व्यवस्था अपने कर्तव्य-पालन में कितनी सुस्त, मगर …
Diverse group holding protest signs demanding change, highlighted by night lighting.

इन दिनों : नारों का डंका, आग में जले लंका

नारे हैं, नारों का क्या? नारों के झाँसे में देश देश संकट में फँसता गया, राष्ट्रीय संपत्तियाँ नीलाम होती गईं, …

काक्रोच जनता पार्टी: यह कोई मजाक नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी के आंदोलन का तरीका है

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंग्यात्मक डिजिटल राजनीतिक आंदोलन है, जो सोशल मीडिया पर युवाओं के गुस्से और निराशा की अभिव्यक्ति …
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उच्च शिक्षा में ग्रामीण क्षेत्रों का योगदान

“जब किसी गरीब किसान का बेटा या मजदूर की बेटी विश्वविद्यालय तक पहुँचती है, तब केवल एक छात्र शिक्षित नहीं …

शिक्षा का बाजारीकरण, सत्ता की विफलता और युवाओं के सपनों पर हमला

“NEET जैसी परीक्षाएँ अब “प्रतिभा की परीक्षा” कम और “व्यवस्था की सड़ांध” का प्रतीक अधिक बनती जा रही हैं।” – …
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हमारी शिक्षा-व्यवस्था कैसी हो?

“भारत की शिक्षा को केवल ‘स्मार्ट क्लास’ नहीं चाहिए, बल्कि मानवीयता, वैज्ञानिक दृष्टि, लोकतांत्रिक संस्कृति, सामाजिक न्याय और बौद्धिक स्वतंत्रता की आवश्यकता है।” – …
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